राजनीतिक पार्टियां एक दूसरे पर आरोप पर इस भ्रष्ट तंत्र के घाव को साफ करना मुनासिफ नहीं समझा जा रहा और यह तब तक चलता रहेगा जब तक जनता चाहेगी बात स्पष्ट है कि आप अपने फोन पर सॉफ्टवेयर अपडेट करते हैं परंतु गौर करें कि इसके लिए आपको बाध्य किया जाता है की सॉफ्टवेयर अपडेट करें अन्यथा इसकी कार्यप्रणाली बंद कर दी जाएगी तो महत्वपूर्ण यह है की तंत्र का सॉफ्टवेयर जनता के द्वारा ही अपडेट होगी।
सूरजपुर में हेड कॉन्स्टेबल तालिब शेख की पत्नी और बेटी की हत्या मामले में फरार आरोपी कुलदीप साहू को बलरामपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया गया है। वह झारखंड के गोदरमाना से बस में सवार होकर अंबिकापुर आ रहा था। इसके बाद आरोपी को सूरजपुर पुलिस को सौंप दिया गया है।
इससे पहले कुलदीप साहू से बलरामपुर साइबर सेल में पूछताछ और शिनाख्त की गई है। कुलदीप वारदात के बाद झारखंड भाग गया था। बताया जा रहा है कि बलरामपुर पुलिस ने उसे वहीं ट्रेस किया। इसके बाद लगातार उसकी लोकेशन मॉनिटर कर रही थी।
पुलिस ने बलरामपुर कोतवाली के सामने बस रुकवा कर गिरफ्तार किया है। आरोपी कुलदीप के साथ इस वारदात में अन्य लोगों के भी शामिल होने की आशंका है। शक के आधार पर पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया है। शहर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
वहीं जगदलपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि, लोगों को कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए। इसके लिए शासन-प्रशासन और कानून है। उन्होंने कहा कि मुख्य आरोपी की गाड़ी में NSUI पदाधिकारी की नेम प्लेट लगी है, इससे क्या अंदाजा लगाया जाए।

इस मामले पर पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि एक जिला बदर व्यक्ति कैसे जिले में घूम रहा था? क्या यही पुलिस तंत्र की व्यवस्था छत्तीसगढ़ में कायम है ? किसके संरक्षण में घूमने दिया जाता है ? दुर्गा पूजा में भाग लेने दिया जाता है, विसर्जन में जाता है। पुलिस वाले को चुनौती देता है। किसी के ऊफर खौलते हुए तेल की कढ़ाई फेंकता है।
दूसरे को बुलाकर गाड़ी चढ़ाने की बात करता है। थाना लगभग रोड के आमने-सामने हैं, जो पुराना सूरजपुर का बस स्टैंड है। थाना लगभग 50 मीटर की दुरी पर सामने ही है। यहां के घटनाक्रम होती है। शासन-प्रशासन ऐसा पंगु दिखता है। ऐसा निष्क्रिय दिखता है।
नम आंखों से श्रद्धांजलि :
ऐसी शर्मनाक घटना के पश्चात प्रदेश भर में मातम का माहौल देखा गया वही कई जिलों में नम आंखों से श्रद्धांजलि भी दी गई। बैकुंठपुर व्यापारियों, जनप्रतिनिधियों के साथ ही पुलिसकर्मियों ने भी प्रधान आरक्षक तालिब शेख की पत्नी मेहु फैज और बेटी आलिया शेख को श्रद्धांजलि। नागरिकों ने की आरोपी को फांसी देने की मांग भी की।












