पटना। बिहार के पटना स्थित बेऊर जेल अधीक्षक के विभिन्न ठिकानों पर पिछले शनिवार को आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की टीम ने छापेमारी की थी। इस छापेमारी कार्रवाई के बाद आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने कई चौकाने वाला खुलासा किया है। बेउर जेल के अधीक्षक डॉ विधु कुमार कैदियों पर दबाव बनाकर अवैध रूप से पैसे वसूलते थे, जिसका कई पुख्ता सबूत मिले है। इतना ही नहीं जेल अधीक्षक डॉ विधु कुमार दबंग कैदियों को सुविधा देने के लिए पैसे लेते थे। बेऊर जेल अधीक्षक के साथ कक्षपाल प्रफुल्ल कुमार भी इसमें शामिल है।
EOU को मिले कई सबूत :
जेल अधीक्षक ने अपने माता-पिता, मित्र और पत्नी के नाम से काफी संपत्ति अर्जित की है। उनके द्वारा कई फर्जी कंपनी बनाकर काली कमाई को सफेद करने की साजिश रची जा रही थी। वे कंपनियों में पैसे लगाकर उसे सफेद करने के लिए CA को भी रखा था। जेल अधिक्षक ने अपने वैध आय से 146 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित किया है। जेल अधीक्षक के सरकारी आवास, पैतृक आवास दानापुर सगुना मोड़ स्थित मकान और फ्लैट से कई सबूत EOU को मिले है. इसके साथ ही कई बैंक अकाउंट, जिसमें पैसे जमा है।
जेलेर के पास से 54 लाख का जेवर भी बरामद किया गया है। इसके साथ ही एक डायरी मिली है, जिसमें कैदियों से पैसे दबाव बनाकर लेने का हिसाब किताब है। डायरी में कैदियों से लेन देन के हिसाब किताब के कई सबूत दर्ज है। अधीक्षक ने पेन ड्राइव के माध्यम से भी अपने निवेश की जानकारी रखी है। वहीं कक्षपाल प्रफुल्ल कुमार के कमरे से कई एयर टिकट पेन ड्राइव लाखों के टीवी एक बैंक अकाउंट का डिटेल्स मिला है। कक्षपाल प्रफुल्ल कुमार के पास भी डिड मिली है, जिसमें करोड़ों के हिसाब किताब कैदियों से लिए जाने के लिखे गए हैं। जेल अधीक्षक के चार्टर्ड अकाउंटेंट के पास से माता-पिता के नाम से पांच जमीन की खरीद की डिड बरामद की गई।











