बीजापुर। छत्तीसगढ़ में वर्ष 2025 किस समाप्त होने से पहले अब रीड की हड्डी टूट चुकी है। छत्तीसगढ़ के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा माओवादी आत्मसमर्पण हुआ है। बीजापुर जिले में आज गुरूवार 103 नक्सलियों ने हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला लिया है। इन सभी पर कुल 1 करोड़ 6 लाख 30 हजार रुपये की इनाम घोषित था। आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में शामिल होने वाले सभी माओवादियों को प्रोत्साहन के रूप में 50-50 हजार रुपये का चेक प्रदान किया गया।
विजयदशमी पर आत्मसमर्पण में संगठन के कई वरिष्ठ नेता भी शामिल हैं, जिसमें डीव्हीसीएम-01, पीपीसीएम-04, एसीएम-04, प्लाटून पार्टी सदस्य-01, डीएकेएमएस अध्यक्ष-03, सीएनएम अध्यक्ष-04, केएएमएस अध्यक्ष-02, एरिया कमेटी पार्टी सदस्य-05, मिलिशिया कमांडर/डिप्टी कमांडर-05, जनताना सरकार अध्यक्ष-04, पीएलजीए सदस्य-01, सीएनएम सदस्य-12, जनताना सरकार उपाध्यक्ष-04, डीएकेएमएस उपाध्यक्ष-01, जनताना सरकार सदस्य-22, मिलिशिया प्लाटून सदस्य-23, जीपीसी-02, डीएकेएमएस सदस्य-04 और भूमकाल मिलिशिया सदस्य-01 है। कुल 106.30 लाख रुपये के इनाम वाले 49 माओवादी समेत कुल 103 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया।
वर्ष 2025 में इतने हुए नक्सल समर्पण :
01 जनवरी 2025 से अब तक माओवादी घटनाओं में शामिल 421 माओवादी गिरफ्तार हुए, 410 माओवादी ने आत्मसमर्पण किया एवं जिले में अलग-अलग मुठभेड़ों में कुल 137 माओवादी मारे गए हैं। इस प्रकार 01 जनवरी 2024 से अब तक माओवादी घटनाओं में शामिल 924 माओवादी गिरफ्तार हुए, 599 माओवादी ने आत्मसमर्पण किया एवं जिले में अलग-अलग मुठभेड़ों में कुल 195 माओवादी मारे गए हैं।
पुलिस अधीक्षक ने पुनर्वास नीति के साथ व्यक्तिगत विचारधारा का बताया योगदान :
बीजापुर पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार यादव ने माओवादियों से अपील की है कि वे शासन की पुनर्वास नीति का लाभ उठाएं और शांतिपूर्ण एवं सम्मानजनक जीवन की ओर अग्रसर हों। उन्होंने कहा कि “सरकार की पुनर्वास नीति माओवादियों को आकर्षित कर रही है। आत्मसमर्पण करने वालों के परिजन भी चाहते हैं कि वे सामान्य जीवन जिये और समाज के साथ कदम से कदम मिलाकर चलें।” उन्होंने माओवादियों से आग्रह किया कि वे भ्रामक विचारधाराओं को त्यागें और निर्भय होकर समाज की मुख्यधारा में लौटें।












