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छत्तीसगढ़ के दुसरे एम्स अस्पताल का प्रस्ताव हो सरगुजा के लिए : ग्रामीण अंचल सरगुजा के पुर्व मंत्रियों का यहाँ एम्स के लिये नहीं थी सहमति..

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दरअसल, मार्च-2023 का पहला सप्ताह और छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र का तीसरा दिन था। इस सत्र में ही बिलासपुर विधायक शैलेश पांडेय ने बिलासपुर में एम्स खोलने की मांग रखी साथ ही बिलासपुर संभाग के ही विधायक धरमजीत सिंह ने विधानसभा में एक शासकीय संकल्प पारित करने की मांग की, इस पर तत्कालीन सरगुजा विधायक और स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव ने भी सहमति जताई थी।

 

रायपुर। पुर्व स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव ने विधानसभा में कहा था “एम्स हॉस्पिटल खोलने के लिए भारत सरकार को पत्र लिखा गया है। एम्स की स्थापना एक बड़ा निर्णय होता है, अभी भी कुछ राज्यों में एम्स नहीं है। मीडिया में केंद्र सरकार का बयान आया था, जिसमें कहा गया था की एक राज्य में दो एम्स हो सकते हैं। इस मामले में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से भी परामर्श लिया गया है, यदि छत्तीसगढ़ में एम्स खोला जाएगा तो पहला विकल्प बिलासपुर है “।

सरगुजा से पुर्व स्वास्थ्य मंत्री का बिलासपुर पहला विकल्प क्यों था?

टी एस सिंहदेव ने विधानसभा में बताया था कि राज्य के 5 संभाग से रायपुर संभाग में एम्स है। इससे रायपुर और दुर्ग संभाग काफी हद तक कवर हो रहा है। हमारे सामने बिलासपुर और बस्तर दो ऑप्शन है, लेकिन बिलासपुर और सरगुजा संभाग को मिलाकर एक करोड़ जनसंख्या हो सकती है। इसके अलावा बिलासपुर में पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा 24 विधायक हैं और सरगुजा में 14 विधानसभा सीट है। इस हिसाब से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से परामर्श लेकर अगर छत्तीसगढ़ में दूसरा एम्स खुलता है तो उसे बिलासपुर में खोला जाएगा।

इसके बाद टी एस सिंहदेव ने ये भी बताया था कि केंद्र सरकार के बजट में दूसरे एम्स के लिए कोई प्रावधान नहीं है, लेकिन एक राज्य में दूसरा एम्स खोला जाता है तो हम बुकिंग करने के लिए लाइन में खड़े हैं। वहीं इस मामले में कांग्रेस ने बीजेपी को आड़े हाथ लिया, मंत्री अमरजीत भगत ने बीजेपी विधायकों से कहा कि अगर आप लोगों का दिल्ली में कुछ चलता है तो बात करिए, आप लोग भी पत्राचार कीजिए।

अब इतने बड़े मसले पर दि राइटर्स न्यूज़ के द्वारा राजधानी से लेकर न्यायधानी फिर सरगुजा के साथ मनेंद्रगढ़ क्षेत्र तक सभी बुद्धिजीवियों एवं पाठकों से परामर्श ली गई अंततः कई प्रकार की महत्वपूर्ण और धरातलीय उत्तर सामने आया।

वास्तव में देखा जाए तो छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में स्वास्थ्य के क्षेत्र में एम्स हॉस्पिटल वरदान साबित हुआ खासकर कोरोना काल में। राजधानी रायपुर से मात्र 100 किलोमीटर की दूरी पर बिलासपुर स्थित है क्या एम्स अस्पताल खोलने के लिए 24 विधायक और 14 विधायक का दल महत्वपूर्ण है क्या यह 34 विधायकों के स्वास्थ्य सेवा के लिए एम्स हॉस्पिटल होगी। बिलासपुर क्षेत्र अर्बन पापुलेशन क्षेत्र में शुमार है अगर तुलना की जाए तो सरगुजा क्षेत्र ग्रामीण आंचल का महत्वपूर्ण केंद्र है। सरगुजा संभाग में ग्रामीण जनसंख्या की बड़ी प्रचुरता है और ग्रामीणों को उच्च स्तरीय तो क्या यहां निम्न स्तरीय स्वास्थ्य सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। स्वास्थ्य क क्षेत्र में यहां की दुर्घटनाएं संपूर्ण बयान दे चुकी है कि इसमें कितनी सत्यता है। वहीं बलरामपुर जिले में रामचंद्रपुर क्षेत्र और कई ऐसे इलाके हैं जहां पंडो और कोरवां जनजाति के लोग सिकल सेल से लेकर और कई गंभीर बीमारियों में जान दे चुके हैं साथ ही स्थिति और गंभीर होती जा रही है।

सरगुजा में हो एम्स हॉस्पिटल का प्रस्ताव :

सरगुजा संभाग प्राचीन काल से ही ऐसा महत्वपूर्ण क्षेत्र रहा परंतु अब तक उन्नति के क्षेत्र में किसी भी प्रकार का खासकर राजनीतिक तौर पर नगण्य योगदान जरूर मिला है। सरगुजा संभाग में एम्स हॉस्पिटल कई राज्यों को भी कवर करेगा, साथ ही इस ग्रामीण अंचल के लिए एम्स हॉस्पिटल एक वरदान साबित होगा इस विषय पर राज्य में भाजपा की नई सरकार साथ ही केंद्र सरकार का यह महत्वपूर्ण निर्णय ग्रामीण अंचल के लिए चिराग सामान और सरकार के लिए मिल का पत्थर ही साबित होगा।



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