Search
Close this search box.

जन्म और मृत्यु सच्चाई है पर राजनीतिक नहीं : सरगुजा संभाग में प्रसव अंतराल पश्चात पति के विनती के बाद भी प्रसूता के बच्चे की मौत..

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

जब आप विपक्ष में थे तो मीडिया जगत के सच्चे सिपाही जेल काटकर भी अन्याय के खिलाफ थे और जब आप पक्ष में है तब भी वह सच्चे सिपाही समीक्षा से बिल्कुल नहीं कतराएंगे। स्वास्थ्य और शिक्षा का मुद्दा सर्वत्र महत्वपूर्ण है, एक प्रसूता की अंतराल पूर्ण के दौरान भी अस्पताल में इंतजार के कारण बच्चे की मौत सचमुच शर्मनाक और आरंभ में ही सरकार की कमजोरी असहनीय है।

 

अंबिकापुर। सरगुजा संभाग मुख्य चिकित्सालय के शंकरगढ़ अस्पताल से रेफर गर्भवती महिला को मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर अस्पताल के एमसीएच में सोनोग्राफी के लिए करीब 1 घंटे तक लाइन में खड़ा रहना पड़ा, जबकि उसके पति ने इमरजेंसी बताकर डॉक्टर से जल्दी सोनोग्राफी करने की विनती की थी। इसी बीच महिला की प्रसव पीड़ा बढ़ गई और दर्द से तड़पने के कारण वह खुले छत पर बालकनी में चली गई। जहां उसने मृत बच्चे को जन्म दिया।

बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कोठली निवासी मनीषा पति दिलेश्वर राम उम्र 27 वर्ष 9 माह की गर्भवती थी। प्रसव पीड़ा होने पर वह गुरुवार को शंकरगढ़ अस्पताल गई जहाँ से उसे संभाग मुख्य चिकित्सालय तत्काल रेफर कर दिया गया।

जांच के बाद डॉक्टर ने महिला को सोनोग्राफी कराने कहा। महिला पति के साथ प्रसव पीड़ा के बीच सीढ़ी चढक़र एमसीएच के पहले तल पर गई। वहां सोनोग्राफी के लिए लंबी लाइन लगी थी। महिला के पति ने सोनोग्राफी कर रहे डॉक्टर को स्थिति से अवगत कराया, लेकिन इमरजेंसी में उसकी सोनोग्राफी तत्काल नहीं की गई। करीब 1 घंटा तक महिला लाइन में खड़ी थी। इसी बीच अचानक प्रसव पीड़ा बढ़ गई और दर्द से तड़प रही महिला पास के बालकनी में जाकर कोने में लेट गई। वहीं उसका प्रसव हो गया और महिला ने मृत बच्चे को जन्म दिया।

महिला के पति का कहना है की कुछ दिन पूर्व ही सोनोग्राफी कराई गई थी जिसमें सब कुछ उचित वह स्वस्थ बताया गया जिसकी रिपोर्ट उपलब्ध है, जिसमें पूरी रिपोर्ट ठीक बताई गई थी। अचानक स्थिति कैसे खराब हो गई। उसने बताया कि प्रसव पीड़ा से तड़प रही पत्नी को सोनोग्राफी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा।

महिला के पति व परिजनों का स्पष्ट आरोप है कि शंकरगढ़ स्वास्थ्य केंद्र से लेकर मुख्य जिला चिकित्सालय में हमें सिर्फ लापरवाही का सामना करना पड़ा जिस वजह से ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ रहा है परंतु अपनी गलती स्वीकार ना ही शंकरगढ़ स्वास्थ्य केंद्र और ना ही मुख्य जिला चिकित्सालय के द्वारा किया जा रहा है अब ऐसी स्थिति में मुझ पर सिर्फ दुख का सामना करने के लिए और कोई विकल्प नहीं है।



admin
Author: admin

Leave a Comment

और पढ़ें

15 Best News Portal Development Company In India