धार। मध्यप्रदेश के धार जिला कलेक्टर पंकज जैन के खिलाफ राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। इसको लेकर आयोग ने डीजीपी सुधीर सक्सेना को भी आदेश दिया है। आयोग ने एक मामले में जिला कलेक्टर को पेश होने के निर्देश दिए थे। उन्हें पर्यावरण क्षति के मामले में पैनल के सामने पेश होना था, पेश ना हो पानेे केे कारण उनके खिलाफ यह कार्रवाई की गई। गिरफ्तारी वारंट को तामील कराने के लिए आयोग ने डीजीपी को आदेश दिए हैं।
दरअसल धार जिले के जूनापानी के निवासियों ने एनसीएसटी (National Commission for Scheduled Tribes) में शिकायत कर आरोप लगाए थे कि गांव के पास हरियाणा की एक कंपनी की स्टोन क्रेशर से उनके स्वास्थ्य, फसलों और पशुओं को काफी क्षति पहुंच रही है, साथ ही वातावरण भी प्रदूषित हो रही है। इस मामले में जिला प्रशासन से भी शिकायत की गई, लेकिन शिकायत पर कोई सुनवाई नहीं हुई।
एनसीएसटी ने ग्रामीणों की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए धार जिला प्रशासन को लोगों और पर्यावरण को हुए नुकसान का मूल्यांकन कर प्रभावितों को उचित मुआवजा देने का निर्देश दिया था। आयोग की ओर से तलब किए जाने के बावजूद जिला कलेक्टर पंकज जैन के 14 अक्टूबर को एनसीएसटी के समक्ष पेश नहीं हुए। गिरफ्तारी वारंट को 26 अक्टूबर तक तामील कराने के आदेश डीजीपी सुधीर सक्सेना को दिए गए हैं। कलेक्टर के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट गुरुवार को जारी हुआ था और एनसीएसटी ने इसे तामील करने के लिए कहा है।











