रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने जग्गी हत्याकांड के आरोपियों की सजा बरकरार रखी है। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने आरोपियों की अपील खारिज करते हुए उम्र कैद की सजा बरकरार रखी है।
हाईकोर्ट चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा व जस्टिस अरविंद वर्मा डिवीजन बेंच ने आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखा है। आजीवन कारावास की सजा पाने वालों में 2 तत्कालीन सीएसपी और एक तत्कालीन थाना प्रभारी के अलावा याहया ढेबर और शूटर चिमन सिंह शामिल हैं।
ज्ञात हो कि 4 जून 2003 को एनसीपी नेता की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में 31 अभियुक्त बनाए गए थे, जिनमें से बल्टू पाठक और सुरेंद्र सिंह सरकारी गवाह बन गए थे और अमित जोगी को छोड़कर बाकी 28 लोगों को सजा दी गई थी, जिसके बाद आरोपियों ने हाईकोर्ट में अपील दायर कर निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी थी। हाईकोर्ट के दोषियों की अपील को खारिज किए जाने के बाद रामवतार जग्गी के पुत्र सतीश जग्गी ने कहा कि मुझे न्यायपालिका पर भरोसा था, सभी अभियुक्तों को सजा सुनाई गई। हमारा परिवार शुरू से कहता रहा कि यह राजनतिक षड़यंत्र था।











