सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से हत्या का दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। एक श्रमिक राजमिस्त्री की हत्या कर लाश को मैनपाट के लुरैना गांव में दफन कर दिया गया, फिर बॉडी के ऊपर पानी टंकी भी बना दी गई। फिलहाल इस मामले में पुलिस ने 4 आरोपियों को हिरासत में लिया है, वहीं 2 आरोपियों की तलाश की जा रही है।
जानकारी मुताबिक़ सीतापुर थाना क्षेत्र के बेलजोर गांव के रहने वाला राजमिस्त्री संदीप लकड़ा 7 जून से संदिग्ध रूप से लापता हो गया था। संदीप उलकिया गांव में बन रहे हाई स्कूल में राजमिस्त्री का काम करने गया था फिर अचानक लापता हो गया।
परिजनों ने संदीप को काफी तलाश की परंतु नहीं मिलने पर सीतापुर थाना में शिकायत दर्ज काई गई। संदीप के परिजनों ने ठेकेदार अभिषेक पाण्डेय और उनके साथियों पर हत्या का आरोप लगा रहे थे क्योंकि कुछ दिन पहले भवन निर्माण करने वाले ठेकेदार ने सीमेंट छड़ चोरी का आरोप लगाते हुए सीतापुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, तब से मृतक कही मिल नहीं रहा था।
पुलिस ने मृतक के मोबाइल लोकेशन की जांच की तो कभी मुंबई, गोवा तो कभी गुजरात का लोकेशन दर्शाया। परिजन लगातार हत्या का आरोप लगाते हुए बीते 3 महीनों से पुलिस कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे और फिर आदिवासी समाज ने थाने का घेराव तक किया था। इस बीच पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले, कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो पता चला कि राजमिस्त्री की हत्या कर बॉडी को मैनपाट में ठिकाने लगा दिया गया है।
पुलिस ने बताई जगह की खुदाई की तो एक नर कंकाल मिला है, जिसके बाद से परिवार में मातम है। परिवार ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि पुलिस ने सही तरीके से जांच नहीं की, जिसकी जानकारी लगते ही सीतापुर के पूर्व विधायक अमरजीत भगत मौके पर पहुंचे और पूरे घटना को मानवता को शर्मशार करने वाला बताया औऔर कहा कि अपराधियों पर बुलडोजर की कार्रवाई करने वाली बीजेपी आदिवासी युवक की हत्या करने वाले अपराधियों के घरों पर बुलडोजर चलवाती है या नहीं, यह देखना होगा।
वहीं पूरे मामले की पुलिस और फॉरेंसिक टीम जांच में जुटी है, पुलिस दफन मिले नर कंकाल को संदीप लकड़ा की बता रही है,अब कंकाल का डीएनए टेस्ट कराने की तैयारी की जा रही है। वर्तमान में 4 लोगों को हिरासत में लिया गया है और मुख्य 2 आरोपी फरार हैं।











