सुकमा। प्रदेश कि चर्चित शराब घोटाला मामले में पूर्व आबकारी मंत्री, कोंटा विधायक कवासी लखमा की गिरफ्तारी के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी ने 16 जनवरी को सुकमा बंद का ऐलान किया है, इसकी सूचना सुकमा जिला कांग्रेस कमेटी ने अनुविभागीय अधिकारी को दे दी है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा, ईडी अपने अधिकारों का दुरुपयोग कर रही है, जिससे भविष्य में बीजेपी को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। प्रदर्शन में बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल, पूर्व विधायक चंदन कश्यप, शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल रहे
वहीं शराब घोटाला मामले में छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा की गिरफ्तारी पर सीएम विष्णुदेव साय के मीडिया सलाहकार पंकज कुमार झा ने ट्वीट कर कांग्रेस पर निशाना साधा और लिखा है कि तुलसी बाबा मानस में लिखते हैं – “बरु भल बास नरक कर ताता, दुष्ट संग जनि देइ विधाता” अर्थात् नरक में रहना अच्छा है, परंतु ईश्वर कभी दुष्ट का संग न दे। जिस तरह जनजाति समाज से आने वाले एक अक्षर नेता को प्रदेश की तब की कांग्रेस सरकार और उसके मुखिया ने बलि का बकरा बना दिया।
पंकज झा ने आगे लिखा है कि आरोप है कि लखमा को आगे कर शराब घोटाले किए गए है, यह दुखद है। आशा है ‘किंगपिन’ तक भी एजेंसियों के लंबे हाथ पहुंचेंगे ही, जैसा कि ऐसे घोटालों के संबंध में एजेंसियां कहती रही है। ‘पॉलीटिकल मास्टर’ भी आज न कल शिकंजे में आ ही जाएगा पर अफसोस यह रहेगा कि ऐसे घोटालों का सबसे बड़ा लाभार्थी, जिसने छत्तीसगढ़ को एटीएम बन जाने पर विवश किया, जैसा कि तब के विपक्ष का लगातार आरोप रहा था, उन्हें अपने किये का शायद दंड न मिल पाए। सभी लाभार्थी चाहे वे राष्ट्रीय इकाई के लोग हों या और आगे, उन सबको प्रदेश की जनता का पैसा लूटने की सजा मिलनी ही चाहिए।












