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छत्तीसगढ़ के सबसे सुहाने मौसम का नगर पंचायत समीकरण : नगर पंचायत जरही की जनता का राय जरूर पढ़ें…

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छत्तीसगढ़ का यह नगर पंचायत एक सुहाने वातावरण का केंद्र बिंदु है। वर्तमान में हमारे प्रदेश में त्रिस्तरीय चुनाव का दौर जोरों पर है। प्रदेश के जगदलपुर, रायपुर, बिलासपुर और अंबिकापुर में चुनाव की सरगर्मी तेज हो चुकी है, वहीं आज हम नगर पंचायत जरही जो क्षेत्र में कोल नगरी की मुख्यालय है। आईए जानते हैं नगर पंचायत जरही की दिलचस्प भीतरी-बाहरी चुनावी समीकरण जो यहां की जनता का स्पष्ट जवाब है :–

सरगुजा संभाग। सूरजपुर, जरही : प्रदेश में त्रिस्तरीय चुनाव का लहर तेज हो चुका है। सत्तारुढ़ पार्टी भाजपा के मुख्यमंत्री आज अंबिकापुर में रोड शो कर रहे हैं, विधायक और पार्टी के महामंत्री, मंत्री और कार्यकर्ताओं के द्वारा पार्टी का प्रचार प्रसार काफी जोरों से है। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस भी दमखम में लगी हुई है। इसके पश्चात नगर पंचायत जरही में निर्दलीय प्रत्याशियों का सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण पहलू स्पष्ट दिखाई दे रही है।

ज्ञात हो की नगर पंचायत जरही की कुल आबादी तकरीबन 10000 के करीब है वही यहां कुल मतदाताओं की संख्या मात्र 6628 है। 

बता दें कि नगर पंचायत जरही में राजनीतिक पार्टियों के लिए अध्यक्ष का टिकट फाइनल करना काफी जद्दोजहद रहा। जनता की राय में सबसे पहले बीजेपी की बात करें तो अध्यक्ष पद के लिए देवा राजवाड़े का नाम शीर्ष पर था परंतु भाजपा जिला सूरजपुर के चयनकर्ताओं के साथ कुशाभाऊ ठाकरे परिसर रायपुर में बैठे भाजपा के चयनकर्ताओं के द्वारा ऐसा रासायनिक समीकरण हुआ जिसके परिणाम में नगर पंचायत जरही से वरिष्ठ भाजपा के सदस्य पूरन राजवाड़े का नाम फाइनल हुआ, वहीं देवा राजवाड़े की पत्नी विमल राजवाड़े जो पेषे से वकील है, निर्दलीय उम्मीदवारी की लिस्ट में है। नगर पंचायत जरही कि जनता के द्वारा विश्लेषण लेने के बाद यह पता चला की पूरन राजवाड़े पूर्ववत 5 वर्ष नगर अध्यक्ष की जिम्मेदारी निभा चुके हैं, जनता का ओपिनियन यह है की हम उनके कार्यकाल से संतुष्ट नहीं है।

जनता की इस राय के बाद कांग्रेस पार्टी की विवेचना की गई तो यह सामने आया की भूतपूर्व अध्यक्ष बीजू दासन जो अब नहीं रहे, जिनके द्वारा जरही नगर पंचायत का विकास उचित रहा परंतु कांग्रेस पार्टी के द्वारा उनकी पत्नी निशा बीजू दासन को टिकट नहीं दिया गया जिसकी वजह से निशा बीजु दासन ने पार्टी छोड़ पार्षद पद के लिए निर्दलीय चुनाव में उतरी हुई है और अध्यक्ष पद के लिए उनके साथ अभय विश्वकर्मा निर्दलीय उम्मीद्वारी पर चुनावी मैदान में है, इस विषय पर जनता का जवाब यह है कि भूतपूर्व अध्यक्ष बीजू दासन ने अच्छा काम किया परंतु वह अब नहीं रहे और उनकी जगह पर किसी और का विश्वास हम कैसे करें? जनता ने यह भी कहा कि जब कि कांग्रेस पार्टी के भूतपूर्व अध्यक्ष के द्वारा कई साल पहले के प्रथम सत्र जिसमें वह चुनाव जीते थे उस सत्र में काम अच्छा हुआ परंतु वर्तमान सत्र में जिसमें दूसरी बार चुनाव जीते थे जरही की जनता को इसमें कामों में भारी कमी नजर आई साथी ही जनता ने यह भी बताया की कुछ विशेष समुदाय के लोगों का हमेशा जमावड़ा लगा रहता था, वही सरगुजा संभाग के एक वरिष्ठ वकील और आरटीआई कार्यकर्ता डीके सोनी के द्वारा नल जल योजना के साथ और भी योजनाओं पर भ्रष्टाचार का खुलासा होना बताया जा रहा है, जिसकी जानकारी होने पर स्पष्ट की जाएगी। वही कांग्रेस पार्टी ने एक युवा प्रत्याशी प्रेम कुमार राजवाडे को अध्यक्ष पद के लिए टिकट दिया जो चुनाव प्रचार प्रसार में पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं के साथ जोर-जोर से लगे हुए है।

अंत में शेष बचे एक प्रत्याशी भगवती चंद्र जो डॉ प्रताप नारायण सिंह की पत्नी है। जानकारी मुताबिक इन्हें भी बीजेपी के द्वारा टिकट मिलने की संभावनाएं थी परंतु भाजपा का रासायनिक समीकरण नहीं बन पाया और यह निर्दलीय उम्मीदवारी पर चुनावी मैदान में हैं। काफी पड़ताल के बाद यह तथ्य सामने आई की इनका पालडा भारी लग रहा है और जनता उनकी उम्मीदवारी पसंद कर रही है। बता दें कि डॉ प्रताप नारायण सिंह लगभग तीन दशकों से स्वास्थ्य सेवा के साथ प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार की जिम्मेदारी का भी निर्वहन कर रहे हैं अब देखना यह है की चुनावी परिणाम क्या बताते हैं।



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