नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला पूर्ण बजट और अपना 8वां बजट पेश किया। इससे पहले वित्त मंत्री राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी से मुलाकात की। इस दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने निर्मला सीतारमण को दही खिलाया। वित्त मंत्री ने बजट में टैक्स छूट समेत कई बड़े ऐलान किए हैं।
आम नागरिक के लिए 10 महत्वपूर्ण बिंदु :
1.आयकर में छूट: बजट में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नई कर व्यवस्था का एलान किया है। अब 12 लाख रुपये तक की सलाना आय पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। 25 लाख रुपये की वार्षिक आय वाले लोगों को टैक्स में 110000 रुपये का लाभ मिलेगा। 18 लाख रुपये की वार्षिक आय वाले व्यक्ति को टैक्स में 70000 रुपये का लाभ होगा।
2.किसान क्रेडिट कार्ड: सरकार ने बजट में किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) की लीमिट को 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये तक करने का एलान किया है। देशभर के 7.7 करोड़ किसानों, मछुआरों और डेयरी किसानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

3.यूरिया उत्पादन को बढ़ावा: केंद्र सरकार ने यूरिया उत्पादन में देश को आत्मनिर्भर बनाने की योजना बनाई है। सरकार तीन यूरिया संयंत्रों को दोबारा शुरू करेगी। इसके अलावा असम में 12.7 लाख मीट्रिक टन की वार्षिक क्षमता वाला एक यूरिया प्लांट की स्थापना करेगी। इससे किसानों को यूरिया की किल्लत से नहीं जूझना पड़ेगा। वहीं यूरिया का आयात घटाने में भी मदद मिलेगी।
4.गिग कर्मचारियों का ख्याल: बजट में गिग कर्मचारियों का खासा ध्यान रखा गया है। सरकार इन कर्मचारियों को पहचान पत्र प्रदान करेगी। इसके अलावा ई-श्रम पोर्टल पर भी इनका पंजीकरण होगा। खास बात यह है कि गिग कर्मियों को पीएम जन आरोग्य योजना का भी लाभ मिलेगा। अनुमान के मुताबिक लगभग एक करोड़ गिग वर्कर्स को इसका लाभ मिलेगा।
5.टीडीएस सीमा बढ़ाई: सरकार ने 10 लाख तक के शिक्षा ऋण पर से टीसीएस को हटा दिया है। इसके अलावा किराये पर वार्षिक टीडीएस सीमा 2.4 लाख रुपये से बढ़ाकर 6 लाख रुपये करने का एलान किया है। वहीं सीनियर सिटीजन के लिए कर कटौती की सीमा 1 लाख रुपये कर दी गई। पहले यह सीमा 50 हजार रुपये की थी।
6.ब्रॉडबैंड से जुड़ेंगे स्कूल: भारत नेट योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के सभी सरकारी माध्यमिक स्कूलों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को ब्रॉडबैंड से जुड़ा जाएगा। सरकार भारतीय भाषा पुस्तक योजना शुरू करेगी। इसमें स्कूल और उच्चतर शिक्षा के छात्रों को भारतीय भाषाओं में डिजिटल रूप में पुस्तकें मुहैया करवाई जाएंगी। अगले 5 वर्षों में सरकारी स्कूलों में 50 हजार अटल टिंकरिंग लैब की स्थापना होगी।
7.महिलाओं को आसान कर्ज: अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजातियों की पांच लाख महिलाओं को सावधि ऋण उपलब्ध कराने के लिए एक नई योजना शुरू की जाएगी। हालांकि यह लाभ पहली बार की महिला उद्यमियों को मिलेगा। इसके तहत 5 वर्षों के दौरान 2 करोड़ रुपये तक का ऋण मुहैया कराया जाएगा।

8.एमएसएमई को तोहफा: उद्यम पोर्टल पर पंजीकृत सूक्ष्म उद्यमों के लिए पहले वर्ष में पांच लाख रुपये तक की सीमा वाले 10 लाख कस्टमाइज्ड क्रेडिट कार्ड जारी किए जाएंगे।
9.महिलाओं को आसान कर्ज: अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजातियों की पांच लाख महिलाओं को सावधि ऋण उपलब्ध कराने के लिए एक नई योजना शुरू की जाएगी। हालांकि यह लाभ पहली बार की महिला उद्यमियों को मिलेगा। इसके तहत 5 वर्षों के दौरान 2 करोड़ रुपये तक का ऋण मुहैया कराया जाएगा।
10.एमएसएमई को तोहफा: उद्यम पोर्टल पर पंजीकृत सूक्ष्म उद्यमों के लिए पहले वर्ष में पांच लाख रुपये तक की सीमा वाले 10 लाख कस्टमाइज्ड क्रेडिट कार्ड जारी किए जाएंगे।

नए इनकम टैक्स स्लैब का हुआ ऐलान
0 से 4 लाख रुपये – शून्य,
4 लाख रुपये से 8 लाख रुपये – 5%,
8 लाख रुपये से 12 लाख रुपये – 10%,
12 लाख रुपये से 16 लाख रुपये – 15%,
16 लाख रुपये से 20 लाख रुपये – 20%,
20 लाख रुपये से 24 लाख रुपये – 25%
24 लाख रुपये से अधिक – 30%

केंद्रीय बजट 2025 पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, आज का बजट मध्यम वर्ग के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण बजट है, 12 लाख तक की सालाना आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। ये बहुत ही बड़ी सौगात है। इससे हमारे मध्यम वर्गीय परिवारों के हाथ में पैसे ज्यादा बचेंगे। जिससे परिवार के लिए बेहतर सुविधाएं ले सकेंगे। मध्यमवर्गीय परिवारों में जो तमन्ना रहती है वो पूरी कर सकेंगे। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को धन्यवाद देना चाहता हूं।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, 2014 में जो बजट 16 लाख करोड़ का था वो आज 51 लाख करोड़ का हो गया है। बजट में 3 गुना की बढ़ोतरी हुई है। ये समावेशी बजट है। महिला, युवा, गरीब और किसान इस बजट में समाहित हैं। ये बजट इनके विकास के लिए है।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, एक बात जो मैं निश्चित रूप से उजागर करना चाहूंगी, वह है लोगों की आवाज पर प्रतिक्रिया देना, जिसके लिए प्रधानमंत्री मोदी अपने प्रशासन में जाने जाते हैं। यह एक बहुत ही उत्तरदायी सरकार है और इसके परिणामस्वरूप, आयकर सरलीकरण जिसकी मैंने जुलाई में घोषणा की थी, वह पहले ही पूरा हो चुका है और हम अगले सप्ताह विधेयक लाएंगे… इसलिए यदि हम कराधान सहित सुधार की बात कर रहे हैं, तो काम पूरा हो चुका है। यह बजट युक्तिकरण और सीमा शुल्क के बारे में भी बात करता है। टैरिफ को कम किया जा रहा है, टैरिफ को सरल बनाया जा रहा है।
शिवसेना(UBT) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने बजट पर कहा, मध्यम वर्ग बार-बार मांग कर रहा था कि टैक्स में छूट मिले वो भी नियम और शर्तें लगातक खत्म कर दी है। 0-4 लाख तक वालों के लिए टैक्स नहीं होगा लेकिन 8-12 लाख वालों के लिए अभी भी टैक्स लगाया हुआ है। आप जो बोलते हैं उसके आधे घंटे बाद नियम और शर्तें लगा देते हैं तो ये तो जुमला ही साबित हो रहा है। बिहार में चुनाव होने वाले हैं इसलिए बिहार पर फोकस रहा है। जो कहते हैं वो वादा पूरा करना भाजपा की न नीति है, न नीयत है।
कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खरगे ने हुबली-धारवाड़ में कहा,’टैक्स के मामले पर भाजपा और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कहते कुछ हैं और करते कुछ और हैं। GST एक समान कर था। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और प्रधानमंत्री मोदी को पिछले 10 सालों से ‘मेक इन इंडिया’ के आंकड़े दिखा दीजिए। विनिर्माण उत्पादन(Manufacturing Production) पहले कितना था और आज कितना है? जो पहले करीब 7% था वह अब 5.5% पर आ गया है। इसका ज़िम्मेदार कौन है?’
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा, यह देश के हर नागरिक के सपनों को पूरा करने वाला बजट है। छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की ओर से मैं प्रधानमंत्री मोदी, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और उनकी टीम को बधाई और धन्यवाद देता हूं। ऐसा बजट केवल भाजपा सरकार ही पेश कर सकती है। इस बजट ने प्रधानमंत्री मोदी का एक वादा पूरा किया है। वे कहते हैं कि वे उन लोगों का ख्याल रखते हैं जिनका कोई ख्याल नहीं रखता। मध्यम वर्ग को बड़ी राहत दी गई है। कांग्रेस के शासन में 2 लाख रुपये की आय पर भी टैक्स देना पड़ता था। लेकिन आज 12 लाख रुपये तक की आय पर टैक्स छूट की घोषणा की गई है। इससे मध्यम वर्ग को लाभ होगा। उनकी क्रय शक्ति बढ़ेगी और राज्य और देश को आर्थिक लाभ होगा। यह बजट किसानों के लिए भी वरदान साबित होगा।
टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा- ”बजट में आम आदमी के लिए कुछ नहीं है। जैसा कि आप जानते हैं कि इस साल बिहार में चुनाव हैं, तो उसी को ध्यान में रखते हुए बिहार के लिए बजट पेश किया गया है। बिहार को सब कुछ दिया गया है। जब जुलाई 2024 में बजट पेश किया गया, तो आंध्र प्रदेश और बिहार के लिए सब कुछ किया गया, पिछले 10 वर्षों से भाजपा सत्ता में है और बंगाल को कुछ नहीं मिला, यह दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है…”
12 महत्वपूर्ण खनिजों को बुनियादी सीमा शुल्क से छूट :
सरकार ने कोबाल्ट उत्पाद, एलईडी, जिंक, लिथियम-आयन बैटरी स्क्रैप और 12 महत्वपूर्ण खनिजों को बुनियादी सीमा शुल्क से छूट दी है। सरकार इंटरैक्टिव फ्लैट पैनल डिस्प्ले पर मूल सीमा शुल्क को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करेगी। सरकार अगले 10 वर्षों तक जहाजों के निर्माण के लिए उपयोग किए जाने वाले कच्चे माल, घटकों पर बीसीडी की छूट जारी रखेगी।











