विदित है कि प्रदेश के फार्मेसी क्षेत्र में रोजगार की कमी आज भी बरकरार है जिस पर किसी भी राजनीतिक पार्टी का ध्यान ही नहीं रहा अन्यथा विशेष आर्थिक क्षेत्र (Special Economic Zone, SEZ) में राज्य को शामिल कराना प्रदेश के क़ाबिल नेताओं के लिए असंभव नहीं।
प्रकाश सिंह,,, राज्य में फार्मेसी के क्षेत्र में बेरोजगार पंजीकृत फार्मासिस्ट की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है और प्रदेश में दवाई निर्माता संस्था, रिसर्च फील्ड, फार्मा-कोविजीलेंस एवं कई अन्य संसाधन शामिल हैं जिनकी राज्य में कमी के कारण इस क्षेत्र में बेरोजगारी व्याप्त है। वहीं फार्मेसी संस्थानों की कमी एवं मुख्यतः शिक्षा के स्तर में कमी भी कहीं ना कहीं रूकावट रही है। एक उदाहरण जो आपके सामने स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ फार्मेसी काउंसिल से पंजीयन होने के बाद ही औषधि लाईसेंस बनने का प्रावधान है परंतु फर्जीवाड़ा इस कदर हावी है कि दूसरे राज्यों से लोग आकर छत्तीसगढ़ फार्मेसी काउंसिल पंजीयन की होड़ में हैं, मगर काउंसिल की सतर्कता अब यह होने नहीं दी जो वास्तव में मेहनतकश पंजीकृत फार्मासिस्ट्स के लिए ताकत है। फिलहाल 3 लोगों को रायपुर पुलिस गिरफ्तार की जबकि इसके पूर्व कुल 28 में से 14 को गिरफ्तार किया जा चुका है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में फार्मेसी डिप्लोमा और डिग्री के फर्जीवाड़े मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जानकारी मुताबिक प्रार्थी डॉ. श्रीकांत राजिम वाले, छ.ग. स्टेट फार्मेसी काउंसिल रायपुर ने थाना तेलीबांधा में रिपोर्ट दर्ज कराया कि फार्मेसी डिप्लोमा अथवा डिग्री प्राप्त करने वाले कार्यालय छत्तीसगढ़ स्टेट फार्मेसी काउसिंल रायपुर आनंद नगर में पंजीयन हेतु आवेदन पत्र प्रस्तुत करते है। जिस पर नियमानुसार पंजीयन किया जाता है। इसके पश्चात् मेडिकल स्टोर्स संचालित करने हेतु खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग से ड्रग लायसेंस प्रदान किया जाता है।
वहीं सत्र 2021 में फार्मसी डिप्लोमा/ डिग्री को पंजीयन हेतु कार्यालय में आवेदन पत्र प्रस्तुत किये गये थे आवेदन पत्रो से संलग्न फार्मेसी डिप्लोमा/डिग्री की जांच कराया गया। जांच में सनराईस युनिवर्सिटी राजस्थान से रमाकांत निषाद, शीतल कुमार महार, संजय कुशवाहा, सूरज कुमार अग्रवाल, ओ.पी.जे.एस युनिवर्सिटी चुरू राजस्थान से चन्द्रेश कुमार साहू, डामेश्वर कुमार साहू, श्रीधर युनिवर्सिटी पिलानी राजस्थान से रविन्द्र कुमार साहू, स्वामी विवेकानंद युनिवर्सिटी सागर म.प्र. से खेम लाल धीवर के फार्मेसी डिप्लोमा छत्तीसगढ स्टेट फार्मेसी काउंसिल रायपुर के समक्ष आवेदन पत्र के साथ प्रस्तुत प्रमाण पत्र फर्जी पाये गये। उत्तर प्रदेश फार्मेसी कांउसिल लखनउ से रविन्द्र कुमार द्वारा फर्जी काउंसिल मे पंजीयन की प्रमाण पत्र के साथ एनओसी प्रमाण पत्र हेतु प्रस्तुत करना पाया गया। इसके साथ ही राजस्थान फार्मेसी काउंसिल जयपुर, सत्य साई युनिवर्सिटी सिहोर मध्य प्रदेश, मोनाद युनिवर्सिटी हापुर उ.प्र., जे.एस.युनिवर्सिटी शिकोटाबाद फिरोजाबाद उ.प्र. के नाम से फर्जी प्रमाण पत्र जारी कराया गया है। इसी प्रकार अन्य आरोपियों द्वारा भी फर्जी प्रमाण पत्र को छत्तीसगढ स्टेट फार्मेसी काउंसिल रायपुर के समक्ष धोखे से अपने फायदे के लिए षडयंत्र पूर्वक आवेदन पत्र के साथ प्रस्तुत करना पाया गया। जिस पर आरोपियों के विरूद्ध थाना तेलीबांधा में अपराध क्रमाक 144/23 धारा 420, 467, 468, 471, 120बी भादवि. का अपराध पंजीबद्ध किया गया।











