कोल श्रमिकों का वेतन भुगतान रोकना किसी भी माह के सही फैसला नहीं माना जा सकता, किसी भी देश कि प्रशासनिक व्यवस्था आपातकालीन स्थिति में भी अपने आधारशील मजदुरों के वेतन भुगतान न करने ईच्छित नहीं होती।
कोलकाता। कोल इंडिया लिमिटेड से वित्तीय प्रशासनिक व्यवस्था में फेरबदल करते हुए सितंबर माह के वेतन को रोकने का फैसला सामने आया है। इसका निर्देश कोल इंडिया के महाप्रबंधक ((एमपी एंड आईआर) गौतम बनर्जी ने 1 अक्टूबर, 2023 को जारी किया है। ई-मेल के माध्यम से इसकी जानकारी सभी सहायक कंपनी के प्रबंधकों को दी है।
जानकारी मुताबिक जारी आदेश में जबलपुर हाई कोर्ट के 29 अगस्त 2023 के आदेश का हवाल दिया गया है। आदेश में कहा गया है कि कामगारों का अक्टूबर 2023 में दिए जाने वाला सितंबर का वेतन भुगतान नहीं किया जाए। पे स्लीप के साथ प्रिंट भी नहीं किया जाए। कोल इंडिया मुख्यालय के अगले आदेश तक यह व्यवस्था लागू रहेगी। यह आदेश सुबह 11.17 बजे जारी किया गया है। इसमें यह भी कहा गया है कि अफसरों का वेतन पहले की तरह ही रिलीज किया जाए।
जानकारी मुताबिक़ कोल इंडिया के अधिकारियों ने कामगारों के वेतन समझौते को चुनौती दे इस पर रोक लगाने की मांग की थी। कहा था कि इसमें डीपीई की मंजूरी नहीं ली गई है। बीते 29 अगस्त को अंतिम सुनवाई के बाद जबलपुर हाई कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा। मजदुर संगठन की ओर से एचएमएस ने दलील दी थी।
मध्य प्रदेश के जबलपुर हाई कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए 11वों वेतन समझौते के 22 जून 2023 को कोल मंत्रालय द्वारा जारी अप्रूवल ऑर्डर निरस्त कर दिया। इस मामले पर निर्णय लेने के लिए डीपीई के पास भेजने का आदेश दिया है। उसपर 60 दिनों में निर्णय लेने का निर्देश भी दिया है।











