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आदिवासी अंचल से विश्व प्रसिद्ध काष्ठ-कलाकार-पद्मश्री से होंगे सम्मानित : छत्तीसगढ़ से तीन ख्याति..

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भारत सरकार ने साल 2023 के पद्म पुरस्कारों की घोषणा कर दी है. इस साल कुल 106 लोगों को यह सम्मान दिया गया है. जिसमें छत्तीसगढ़ से भी 3 हस्तियों को पद्म श्री से नवाजा जाएगा. इसमें कांकेर के अजय कुमार मंडावी, डोमार सिंह कुंवर और उषा बारले का नाम चुना गया है।

रायपुर। बस्तर संभाग के कांकेर जिले स आदिवासी कलाकार अजय मंडावी का नाम इस वर्ष पद्मश्री पुरस्कार प्राप्त करने वालों कि सूची में शामिल हुए। अजय मंडावी बचपन से काष्ठकला का कार्य कर रहे है, जिससे बस्तर काष्ठकला देश ही नहीं अपितु पूरे विश्व में ख्यातिप्राप्त की। वर्तमान में अजय मंडावी जिला जेल कांकेर में बंद कैदियों को काष्ट कला का प्रशिक्षण देते हैं।

कांकेर के अजय मंडावी को उनकी जिस कला के लिए पुरस्कार मिल रहा है, उसमें वंदेमातरम शामिल है। उन्होंने उस कला के बल पर 40 फीट ऊंची और 22 फीट चौड़ी काष्ट पट्टिका पर वंदेमातरम की कृति तैयार की थी। इस कार्य में उनका साथ जेल में बंद नक्सल कैदियों ने राष्ट्र भक्ति का संदेश देते हुए दिया, जो गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो चुका है। इन्होंने इस कला को राष्ट्र के नाम समर्पित किया है।

अब इस कला को जेल में बंद कैदियों को वह पिछले 13-14 वर्षों से सिखा रहे है, जिसमें नक्सल मामले में बंद कैदी से लेकर अन्य मामलों में बंद कैदी शामिल है। उन्होंने अब तक बहुत से कैदियों को इस कला की बारीकियां सिखाई हैं। इस कला के क्षेत्र में उन्हें राज्य सरकार ने वर्ष 2006 में स्टेट अवार्ड से सम्मानित किया है।


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Author: writers team

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