खाद्य पदार्थ में दवाई समेत समस्त खाने की सामग्री है जिसके साथ किसी भी प्रकार से समझौता करना भारी पड़ सकता है। गंभीर प्रश्न तो यह है कि हम अपनी नागरिकता की ताकत आजादी के बाद अब तक समझ ही नहीं पा रहे। “आम जनता” शब्द का जो “आम” है वह वास्तव में हमें आम भी नहीं छोड़ा है और वजह सिर्फ हम ही हैं और उपाय भी हम ही है- गलत के खिलाफ एक मुष्त विरोध और थोड़ी स्याही की शिकायत!
रायपुर। आयुर्वेदिक के नाम पर एलोपैथिक दवाइयां बेचने वालों पर खादय एवं औषधि विभाग की टीम ने कार्रवाई की जिसमें चार स्थानों पर दबिश देकर बड़ी मात्रा में दवाइयां जब्त की गई है। जिसकी कीमत करीब 10 करोड़ रुपए बताई जा रही है। जब्त दवाइयों की जांच शासकीय औषधि परीक्षण प्रयोगशाला में कराई गई, जहां दवाइयों में डाईक्लोफेनेक एवं एसिक्लोफेनिक की मात्रा पाई गई है, दर्द में यह दवाई के लगातार इस्तेमाल से शरीर पर गंभीर समस्या होना तय माना जाता है।

खाद्य एवं औषधि विभाग की टीम ने सूर्यकांत बघेल फार्म बजरंग आयुर्वेदिक एजेंसी भारत माता चौक, गीतांजलि नगर, शंकर नगर रायपुर, मेसर्स शारदा मेडिकल स्टोर्स सिमगा, गिरधारी देवांगन दुकान और घर दोनों स्थानों पर कार्रवाई की है। इसके अलावा याशिका ट्रेडिंग वेयरहाउस सूर्या प्लास्टिक के पास ओमिया मार्केट बिरगांव, वाईटीएम शंकर नगर याशिका ट्रेडिंग एंड मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड के यहां भी बड़ी मात्रा में दवाइयां जब्त की गई है। ये चारों जगह की दवाएं वेबसाइट के माध्यम से बेची जाती थीं। प्रत्येक दवाओं को मल्टी लेवल मार्केटिंग के माध्यम से ज्यादा लाभ देने के लालच से बेची जा रही थी। ये कंपनियां 90 दिनों में बालों का उगना, कैंसर, जोड़ों का दर्द एक माह में दूर करने का दावा करते हुए बिजनेस कर रही थी।
अवैध तरीके से दवाओं का हो रहा था निर्माण :
जानकारी मुताबिक उज्जैन में निर्माण प्रारूप रायपुर में अवैध तरीके से एलोपैथिक दवाइयों का निर्माण और नियम विरुद्ध पैकिंग किया जा रहा था। इस पूरे प्रकरण में चारों टीम के सदस्यों में 11 औषिधि निरीक्षक सहित 18-19 अधिकारी सम्मलित थे। मुख्य रूप से नीरज साहू, सुरेश साहू, टेकचंद, परमानंद, लक्ष्मी कौशिक, श्रुति, ओमप्रकाश समेत बलौदाबाजार और दुर्ग जिले के खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारीयों को शामिल किया गया था।
प्रशासन की अपील –
आम जनता एलोपैथिक दवाओं से परहेज करते हुए आयुर्वेदिक पद्धति से इलाज कराना चाहती है किंतु ऐसे लोग उनके भावनाओं और स्वास्थ्य से खिलवाड़ करते हुए एलोपैथिक दवाएं मिलाकर जल्दी लाभ के लिए व्यापार कर रहे। इन एलोपैथिक दवाओं से लोगों के स्वास्थ्य पर बहुत गंभीर प्रति कुल असर पड़ती है। आम जनता से प्रशासन ने अपील की है कि जांच परखकर डॉक्टर के सलाह से ही दवाओं का सेवन करें और अपने आसपास इस प्रकार के दवाओं के व्यापार की जानकारी मौखिक या लिखित बेधड़क प्रशासन को दें, वही दिराईटर्स न्यूज के पाठक किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों की जानकारी चैनल के माध्यम से बेधड़क दें।











