ओडिशा के बालासोर के बहनागा बाजार में शुक्रवार को हुए रेल हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 275 तक पहुंच गई है। 1175 घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया, इनमें से 793 को छुट्टी दे दी गई और 382 का इलाज चल रहा है। 2 की हालत गंभीर बताई जा रही है। इस घटना को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी मामले में रेल मंत्री का इस्तीफा मांगा है। इस बीच केंद्रीय मंत्रियों की टीम ओडिशा में लगातार कैंप कर हालात को संभालने की कोशिश में जुटी है।
ओडिशा के मुख्य सचिव प्रदीप के जेना ने रविवार को कहा कि उनकी सरकार का बालासोर रेल हादसे में हुई मौतों को छिपाने का कोई इरादा नहीं है और समस्त बचाव अभियान सार्वजनिक तौर पर चलाया जा रहा है। मरने वालों की संख्या में हेरफेर किए जाने के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि ओडिशा पारदर्शिता में विश्वास करता है। आगे कहा कि मीडियाकर्मी शुरू से ही दुर्घटना स्थल पर मौजूद हैं। सब कुछ कैमरों की मौजूदगी में किया जा रहा है।
#WATCH | Balasore,Odisha:…"Our goal is to make sure missing persons' family members can find them as soon as possible…our responsibility is not over yet": Union Railway Minister Ashwini Vaishnaw gets emotional as he speaks about the #OdishaTrainAccident pic.twitter.com/bKNnLmdTlC
— ANI (@ANI) June 4, 2023
हमारी जिम्मेदारी अभी खत्म नहीं हुई
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव हादसे के बारे में बोलते हुए भावुक हो गए और कहा कि हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि लापता लोगों के परिवार के सदस्य उन्हें जल्द से जल्द ढूंढ सकें,, हमारी जिम्मेदारी अभी खत्म नहीं हुई है।
Down-line restoration complete. First train movement in section. pic.twitter.com/cXy3jUOJQ2
— Ashwini Vaishnaw (@AshwiniVaishnaw) June 4, 2023
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव अभी भी घटनास्थल पर अभी मौजूद हैं। उन्होंने प्रभावित खंड में ट्रेन की आवाजाही फिर से शुरू होने का जायजा लिया।
ओडिशा के मुख्य सचिव प्रदीप जेना ने कहा कि शवों को ले जाने वाली 95 एंबुलेंसों को विशेष रूप से एक ग्रीन चैनल में सुरक्षा के तहत समूहों में भेजा गया। प्रत्येक एंबुलेंस में दो शव थे।
सीबीआई जांच को लेकर आया धर्मेंद्र प्रधान का बयान :
बालासोर ट्रेन दुर्घटना पर सीबीआई जांच की सिफारिश को लेकर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि जांच एजेंसी इसमें अपना काम करेगी। घटना की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई जांच का कदम उठाया गया है। यह राजनीति करने का समय नहीं है।
रेल हादसे की की सीबीआई जांच की सिफारिश: अश्विनी वैष्णव
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ट्रेन हादसे की सीबीआई जांच की सिफारिश की है। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि अब तक जो जानकारी मिली है उसके बाद रेलवे बोर्ड की तरफ से इस मामले की CBI जांच की सिफारिश की गई है। वैष्णव ने बताया कि दो लाइन में पटरी की मरम्मत का काम लगभग हो गया है। इस हादसे में जिन लोगों की मृत्यु हुई है उनके परिवार से संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है। रेलवे बोर्ड की तरफ से इस मामले की CBI जांच की सिफारिश की गई है।
ओडिशा के बालासोर में तीन-ट्रेन दुर्घटना के स्थल पर मरम्मत का काम जारी है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का कहना है कि, “16:45 बजे अप-लाइन का ट्रैक लिंक किया गया है। ओवरहेड विद्युतीकरण का काम शुरू हो गया है।
285 यात्रियों और उनके परिजनों को मिला मुआवजा
रेलवे ने अब तक 285 यात्रियों या उनके परिजनों को 3.22 करोड़ रुपए मुआवजा दिया गया है। रेलवे ने हादसे में मारे गए 11 यात्रियों के परिजनों को, 50 गंभीर चोटों और 224 मामूली चोटों वाले यात्रियों को मुआवजा दे दिया गया।
बालासोर रेल हादसा : 60 घंटे में क्या क्या हुआ?
०शनिवार शाम 6.50: कोरोमंडल एक्सप्रेस लूप लाइन में खड़ी मालगाड़ी से टकराई।
०शाम 6.55: मालगाड़ी से टकराने के बाद कोरोमंडल के कुछ डिब्बे दूसरी लाइन से गुजरती हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस से टकरा गए।
०शाम 7.10: स्थानीय प्रशासन और लोग इकट्ठा हुए और रेस्क्यू में जुट।
०8-9.00 बजे: पूरा प्रशासन, डॉक्टर, एंबुलेंस मौके पर पहुंचे, रेस्क्यू अभियान तेज किया गया।
०इसके बाद पूरी रात रेस्क्यू अभियान चला। घायलों को निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
3-4 जून को क्या क्या हुआ?
० रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव मौके पर पहुंचे और उन्होंने उच्च स्तरीय जांच का ऐलान किया।
०ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक घटनास्थल पर पहुंचे।
०रेलवे ने बताया कि रेस्क्यू अभियान पूरा हुआ, पटरियों को ठीक करने का काम शुरू हो गया।
०पीएम मोदी ने रिव्यू मीटिंग की।
०पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी घटनास्थल पर पहुंचीं।
०स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने AIIMS भुवनेश्वर के डॉक्टरों की टीम घटनास्थल पर भेजी।
०पीएम मोदी घटनास्थल पर पहुंचे और रेस्क्यू अभियान का जायजा लिया। उन्होंने रेल मंत्री और अधिकारियों से भी बात की।
०पीएम मोदी ने अस्पतालों में घायलों से मुलाकात की।
०4 जून की रात तक ट्रैक को सही कर दिया गया।
०रेलवे ने सीबीआई जांच की सिफारिश की।
०ट्रैक पर मालगाड़ी का ट्रायल किया गया।
०ट्रैक पर ट्रेनों की आवाजाही शुरू हो गई है।
"Dal mein kuch kaala hai…": Mamata Banerjee slams Centre over Odisha train accident
Read @ANI Story | https://t.co/S2aeX1yP52#MamataBanerjee #OdishaTrainAccident pic.twitter.com/EYrKsqmJ1B
— ANI Digital (@ani_digital) June 4, 2023
रेल मंत्री पर ममता बनर्जी का निशाना :
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ममता बनर्जी ने रेल मंत्री पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कल मेरे साथ रेल मंत्री और धर्मेंद्र प्रधान दोनों खड़े थे लेकिन मैंने कुछ नहीं कहा, मैं बहुत कुछ कह सकती थी क्योंकि मैं खुद रेल मंत्री रही हूं…कोरोमंडल एक्सप्रेस और बेंगलुरु-हावड़ा एक्सप्रेस में एंटी कोलिशन डिवाइस क्यों नहीं था? रेलवे को सिर्फ बेचने के लिए छोड़ दिया है। ममता यहीं नहीं रुकीं, उन्होंने कहा कि मेरे पास एक मैसेज आया जिसमें एक बड़ी लिस्ट थी कि नीतीश, लालू और मेरे समय में कितने लोग मारे गए? क्या कभी इन लोगों ने सोचा कि मैंने अपने समय में रेलवे को कितना आधुनिक किया। सारी जानकारी गलत है…मैं पूछती हूं कि गोधरा में कितने लोग मारे गए थे?
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बालासोर दुर्घटना को लेकर शोक जताया। उन्होंने कहा कि इस दुर्घटना में पश्चिम बंगाल के 62 लोगों की मृत्यु हो गई। यहां 206 लोगों का इलाज चल रहा है। ओडिशा में पश्चिम बंगाल के 73 लोग भर्ती हैं और 56 लोगों को अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया। 182 लोगों की अब तक पहचान नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। जिस दिन यह घटना हुई उसी दिन हमने 150 एम्बुलेंस, 50 डॉक्टर, नर्स, बस और आपदा प्रबंधन की टीम दुर्घटनास्थल भेजी। हम ओडिशा सरकार का पूरा सहयोग कर रहे हैं।
राहुल गांधी ने मांगा रेल मंत्री का इस्तीफा
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ओडिशा के बालासोर में हुए हादसे को लेकर रेल मंत्री का इस्तीफा मांगा है। उन्होंने रविवार को एक ट्वीट में कहा, “270+ मौतों के बाद भी कोई जवाबदेही नहीं! मोदी सरकार इतनी दर्दनाक दुर्घटना की ज़िम्मेदारी लेने से भाग नहीं सकती। प्रधानमंत्री को फ़ौरन रेल मंत्री का इस्तीफा लेना चाहिए!











