शिक्षा का मंदिर युं ही बदनाम नहीं होता, असुर मानसिकता के लोग को इन सब की परवाह ही नहीं होती। प्रदेश में ऐसी शर्मनाक करतूत कहीं ना कहीं उच्च प्रशासनिक लापरवाही को सीधा जिम्मेदार ठहराता है।
बालोद। बालोद जिले के डौंडी स्थित स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में बच्चों के एडमिशन के नाम पर पैसे के लेनदेन का मामला सामने आया है। अभिभावकों का आरोप है कि, इस स्कूल में अपने बच्चों को भर्ती कराने के लिए उन्होंने स्कूल के चपरासी मोहित धनकर को पैसे दिए प्रत्येक बच्चों का एडमिशन कराने के लिए चपरासी ने चार हजार रुपए की डिमांड की। यही नहीं पैसे के लेनदेन का ऑडियो रिकार्डिंग और ऑनलाइन मोड से भेजे गए पैसों के साक्ष्य भी पालकों के पास मौजूद है। अभिभावकों ने अपनी अर्थ क्षमता अनुसार पैसे दिए।
मामला तो तब सामने आया जब बच्चों को एडमिशन नहीं मिला तो डौंडी विकास खण्ड के ग्राम मरकटोला के पालकों ने मोर्चा खोल विकासखंड शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी और कलेक्टर से लिखित शिकायत कर मामले में चपरासी के साथ उच्च अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप लगा जांच कार्रवाई की मांग की है। वहीं आरोपी चपरसी का कहना है कि मैने प्राचार्य के कहने पर ही बच्चों के अभिभावकों से एडमिशन कराने के लिए पैसे लिए हैं। इस मामले में प्राचार्य ने चपरासी के आरोपों को निराधार बताते हुए बदनाम करने की साजिश करने की बात कही है।












