अंबिकापुर। त्योहार का सीजन नजदीक आता दिख रहा है इसी कड़ी में सरगुजा कलेक्टर थोड़े सक्रिय नजर आ रहे हैं। अन्य जिलों की स्थिति अत्यंत दयनीय है। वर्तमान में हम चर्चा कर रहे हैं जिले में उपलब्ध खाद्य पदार्थों की।
ज्ञात हो की सरगुजा की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश, झारखंड, बिहार, उड़ीसा, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र से कई प्रकार की संदिग्ध वस्तुओं का अवैध परिवहन लगातार जारी रहता रहा है। राज्य की सीमाओं में तो ऐसा हाल है जैसे बांग्लादेश के बॉर्डर से रोहिंग्याओं को आमंत्रित किया जा रहा है और सिर्फ कुछ चंद रूपयों के लालच में।
हम बात कर रहे हैं सरगुजा संभाग की जहां उत्तर प्रदेश और झारखंड से बड़ी मात्रा में नकली खोवा एवं कई प्रकार के खाद्य सामग्रियों का अवैध परिवहन किया जा रहा है जिससे उपलब्धता इतनी आसान हो गई है और व्यापारियों को इतने कम दामों पर यह नकली खोवा उपलब्ध होता जा रहा है वही सुरक्षा किसी भी प्रकार से उपलब्ध नहीं है जिससे आम जनता को कई प्रकार के जोखिम के साथ स्वास्थ्य जोखिम भी उठाना पड़ रहा है।
त्यौहार नजदीक आते ही सरगुजा के खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम होटलों में दूध, घी व पनीर की बिक्री करने वाले दुकानों में सैंपल लेने पहुंचने लगे हैं। अन्य दिनों में ये अधिकारी कार्रवाई करते नजर नहीं आते हैं। ऐसे में कार्रवाई खानापूर्ति ही प्रतीत होती है, जबकि वर्ष भर मिलावटी मिठाइयों, दूध व पनीर की बिक्री इन जगहों पर की जाती है। इसी कड़ी में रक्षाबंधन नजदीक आते ही कलेक्टर कुंदन कुमार के निर्देश जारी होते हैं, खाद्य सुरक्षा अधिकारी की टीम द्वारा नकली खोवा तथा गुणवत्ताहीन मिठाई की बिक्री की संभावना पर समस्त मिठाई दुकानों का सघन निरीक्षण किया जाता है और फिर से अवैध खाद्य पदार्थों की परिवहन बेधड़क जारी रहती है।











