सरकारें बखूबी जानती है कि शहरी व ग्रामीण अंचलों में बिजली का बिल बिल्कुल उचित समय पर आबंटित किया जाता है, वहीं बिजली आबंटन का तो कोई ठिकाना ही नहीं, चिलचिलाती धूप व उमस भरी गर्मी में लोग तड़प कर रह जाते हैं। 24 घंटे में कई बार बिजली गुल होने का खेल खेला जाता है। शिकायत करने पर सर्विस और मेंटेनेंस का बहाना स्पष्ट तौर पर दे दिया जाता है। बिजली की अनउपलब्धता के साथ बिजली मीटर पर आधुनिकीकरण जनता को बिल्कुल स्वीकार नहीं है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बिजली उपभोक्ताओं को अब प्रीपेड मोबाइल, डीजीएच और ब्राडबैंड की तरह पहले अपना बिजली मीटर रिचार्ज करना पड़ेगा। इसके बाद उन्हें बिजली आपूर्ति की जाएगी। रायपुर समेत संपुर्ण में इन दिनों स्मार्ट मीटर लगाने का काम तेजी से चल रहा है। राज्य में 54 लाख से ज्यादा उपभोक्ता हैं, जिनके घरों में स्मार्ट बिजली मीटर लगना है, जो मोबाइल के सिम की तरह काम करेगा। तय पैकेज के आधार पर उपभोक्ताओं को मीटर रिचार्ज कराना पड़ेगा। उपभोक्ता जितनी राशि का रिचार्ज करेगा, उतनी ही बिजली खर्च कर पाएगा।
बिजली कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि मीटर लगने से पूरा सिस्टम ऑटोमेटिक हो जाएगा। रिचार्ज खत्म होने पर बिजली सप्लाई बंद हो जाएगी, जैसे मोबाइल में रिचार्ज खत्म होने पर कालिंग, इंटरनेट और एसएमएस बंद हो जाता है। हालांकि, रात में रिचार्ज खत्म होने पर बिजली सप्लाई बाधित नहीं की जाएगी। लेकिन, उसे दूसरे दिन सुबह ही स्मार्ट मीटर रिचार्ज करना पड़ेगा।
सीएसपीडीसीएल के अधिकारियों के मुताबिक़ अभी ट्रायल के तौर पर शहर के विभिन्न कॉलोनियों के घर-घर में स्मार्ट मीटर लगाया जा रहा है, जिसे कुछ दिन बाद रिचार्ज कराना पड़ेगा। बकाया बिजली बिल के भुगतान में आने वाली समस्या से छुटकारा पाने के लिए यह किया जा रहा है।











