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वृक्षों की अवैध कटाई पर केंद्र व राज्य सरकार का नो-एक्शन : जिम्मेदारों का ऐतिहासिक रूप से मोटा व्यापार बरकरार..

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वृक्षारोपण सेल्फी बनकर ही रह जाती है वही वृक्ष व इमारती लकड़ियों की अवैध कटाई तो विभाग की मुख्य व्यापार का हिस्सा ऐतिहासिक रहा है और आज भी बरकरार है, कब बंद होगा कैसे बंद होगा बस बड़ी प्लानिंग के साथ खर्चीली मीटिंग और ध्यान सिर्फ अवैध लकड़ी के मोटे कारोबार पर।

बलरामपुर। छत्तीसगढ़ घनघोर जंगल क्षेत्र में सोमवार था परंतु वर्तमान स्थिति यह बता रही है की आने वाले कुछ सालों में यह जंगल विहीन प्रदेश में तब्दील हो चुका होगा। बलरामपुर जिले के वन परिक्षेत्र धमनी के सुंदरपुर गांव के आसपास बड़ी मात्रा में अवैध तरीके से खैर की लकड़ी की कटाई का मामला सामने आया है। वही तस्करों ने कटाई किए हुए लगभग 10 ट्रैक्टर लकड़ियों को सुंदरपुर नर्सरी में ही भंडारित कर रखा है। वही इस बात से अब तक वन विभाग अनजान है।

जानकारी मुताबिक़ बलरामपुर जिले के धमनी रेंज में इन दिनों अंतर्राज्यीय लकड़ी तस्कर गिरोह काफी सक्रिय हैं, जो रात के अंधेरे में लकड़ी की अवैध कटाई कर फॉरेस्ट की भूमि में भंडार करते हैं। हैरत की बात यह है कि वन भूमि में भंडारीत लकड़ी पर अब तक फॉरेस्ट विभाग की नजर नहीं पड़ी है। वहीं राजस्व विभाग भी इस पूरे मामले में संट है।

इस इमारती लकड़ी के अवैध कारोबार पर मिडिया ने वन परिक्षेत्र के रेंजर अजय वर्मा से बात की तो उन्होंने बताया कि जहां भी लकड़ी भंडारित की गई है उसकी जांच कराई जा रही है। मामले में क्षेत्र के तहसीलदार को भी पत्र लिखा गया है। जितने भी लकड़ी क्षेत्र में अवैध रूप से या लावारिस हालत में बरामद होंगे उन्हें जब्ती किया जाएगा।



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