जांजगीर-चांपा। प्रदेश के सक्ती जिले में फिलहाल ही आईटी ने छापेमार कार्रवाई की थी, जिसमें सक्ती के शेखों के बेनामी खातों को सकेलने में एक हफ्ते का समय लग गया जो लाजमी भी था, जारी भी है।

सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक मंगलवार को सक्ती के सट्टा किंग के करोड़ों रुपये और कई किलो सोना लापता हो गया था। जिसे उसने हरेठी गांव के एक मकान के पीछे बने कमरे में सुरक्षित रखवाया था। यह मकान उसके यहां काम करने वाली एक महिला का था।उस महिला के एक रिश्तेदार को जब इसकी भनक लगी तो उसने कमरे में लगे ताले को तोड़कर वहां से कई करोड़ रुपये और सोने से भरी पेटियां पार कर दी, वहीं जब मामले की जानकारी सट्टा किंग को लगी तो उसके ह्रदयघात महसूस हुआ।

जिसके बाद उसने अपनी पावर का इस्तेमाल कर चोरों की तलाश करने पुलिस के कुछ जनसेवकों को काम पर लगाया। यह वाकया कालेधन का है जिस कारण थाने में इसकी शिकायत नहीं की जा सकती इसलिए सट्टा किंग ने मामले में वर्दीधारियों को प्राइवेट ठेका देकर काम पर लगा दिया। ठेका लाखों रुपये में था, इसलिए वर्दीधारियों ने पूरी मेहनत और ईमानदारी से अपने काम को अंजाम देकर दिन रात एक कर कई सीसीटीवी की फुटेज खंगाले और आरोपी को धर दबोचा। पुलिस ने आरोपी के पास से करोड़ों रुपये और सोना जब्त कर लिया। जिसे आरोपी ने सक्ती जिले के दर्राभांटा गांव में चोरी का पैसा और सोना छिपा रखा था।
सूत्रों से मिली जानकारी मुताबिक, सक्ती में आईटी ने 8 जगहों पर छापेमारी की थी। छापे में अरबों रुपये के अघोषित संपत्ति और कैश अधिकारी के हाथ लगे थे। साथ ही आईटी के अधिकारी डाल डाल और पात पात कार्यवाही को अंजाम दे रहे थे। आईटी की टीम सट्टा किंग के रिश्तेदार के घर पहुंचती इससे पहले ही उसने सारा काला धन हरेठी गांव के एक मकान में ठिकाने लगा दिया।
जानकारी मुताबिक पूरे मामले का खुलासा होने के बाद सट्टा किंग के इशारे पर आरोपियों को अंडर ग्राउंड कर दिया गया है, ताकि इस पूरे मामले की जानकारी बाहर न जा सके। क्योंकि अगर आरोपी पकड़ा गया तो कहीं ना कहीं इस काले धन की जानकारी पुलिस को दर्ज करनी पड़ेगी, इसलिए सट्टा किंग ने आरोपी को पैसे देकर अंडरग्राउंड कर दिया।
मुलत: मामला बेहद संवेदनशील है जिस कारण पुलिस प्रशासन के आला अधिकारी इस मामले में कुछ भी कहने से बचते नजर आए।













