रायपुर। प्रदेश में नियमितीकरण की मांग को लेकर एक लाख 80 हजार अनियमित अधिकारी-कर्मचारी राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने मजबूर हैं। छत्तीसगढ़ संयुक्त अनियमित कर्मचारी महासंघ ने ऐलान किया है कि 24, 25 और 26 फरवरी को हड़ताल करेंगे। 14 फरवरी को भोजन अवकाश में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
छत्तीसगढ़ महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रवि गढ़पाले ने बताया कि 14 फरवरी 2019 को वर्तमान मुख्यमंत्री ने नियमितीकरण करने की घोषणा की थी, जो अब तक पूरा नहीं किया गया है। प्रदेश सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए छत्तीसगढ़ संयुक्त अनियमित कर्मचारी संघ ने क्रमबद्ध तरीके से नियमितीकरण की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रवि गढ़पाले ने बताया कि 14 फरवरी को भोजन अवकाश में अपनी मांगों के संबंध में जिला स्तर पर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा। 14 फरवरी को ही ज्ञापन इसलिए सौंपा जाएगा क्योंकि 14 फरवरी 2019 को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ संयुक्त अनियमित कर्मचारी महासंघ के मंच पर आकर अगले वर्ष अनियमित कर्मचारियों को नियमितीकरण करने की घोषणा किए थे।
वहीं प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि 20 फरवरी को विधायकों के निवास पहुंचकर सभी विधायकों को ज्ञापन सौंपा जाएगा, तत्पश्चात अनियमित कर्मचारी 20 से 23 फरवरी तक रसोईया संघ, दैनिक वेतन भोगी फेडरेशन और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मितानिन के आंदोलन को समर्थन करते हुए सभी अनियमित कर्मचारी अपने कार्यालय में काली पट्टी बांधकर कार्य करेंगे, और 24, 25 और 26 फरवरी 2023 को लगातार तीन दिवसीय हड़ताल के लिए प्रदेश के 1 लाख 80 हजार अनियमित कर्मचारी नया रायपुर पहुंचेंगे।











