रायपुर। गुरु का अर्थ सचमुच ‘अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने वाला मार्गदर्शक’ होता है यह एक गुरु खेल कोच ने सिद्ध किया, ज्ञात हो कि आज के समय अंतर्राष्ट्रीय खेलों में प्रतियोगिता इस कदर है कि अगर आप परफेक्टनेस से थोड़ी सी भी चुके तो पदक संभव नहीं है अतः जीत किसी भी प्रकार से हासिल नहीं होगी इसलिए इन खेलों के लिए तकनीकी कोच की बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका है।
ऐसे ही एक कोच की चर्चा पूरे देश में हो रही है, हम बात कर रहे हैं छत्तीसगढ़ के कोच राहुल पांडेय की, जिन्होंने नित्या श्री को एक बेहतरीन प्लेयर बनाया और पेरिस पैरालंपिक 2024 में शानदार प्रदर्शन करने योग्य बनाया।
जानकारी दे दें कि कोच राहुल पांडेय की शिष्या नित्या श्री ने पेरिस 2024 पैरालंपिक में महिला एकल श्रेणी से भारत के लिए कांस्य पदक जीता था। वहीं आज नित्या का नाम अर्जुन पुरस्कार से होने वाले खिलाड़ियों में दर्ज हो चुका है। जिसके पश्चत कोच राहुल को लेकर देशभर में चर्चाओं कि शोर है। कोच राहुल पांडेय ने नित्या सहित कई खिलाड़ियों को प्रशिक्षित किया है व उनके प्रदर्शन में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। एक रिपोर्ट के अनुसार, राहुल पांडेय ने छह खिलाड़ियों को प्रशिक्षित किया था और उनमें से 2 ने पैरालिंपिक खेलों में पदक हासिल किए। वर्तमान में राहुल पाण्डेय असम रणजी टीम के स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच पद पर कार्यरत हैंऔर छत्तीसगढ़ के गौरव भी।












